Real Hindi Sad Love Story : ‪चार बूंदें इश्क की‬


Mohabbat ke Kisse me aaj present kar rahe वरुण त्रिवेदी ki likhi kahani " चार बुँदे इश्क़ की"

alone without you images
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उस दिन वो आखिरी बार मिलने आई थी ..
हमेशा के लिए जाने की बात कहते वक्त मैने देखा था उसकी आंखों मे उमड़ते समंदर को .. महसूस हो रहा था लहरों का शोर मुझे उसकी भरभराती आवाज मे .. मन मे भावनाओं और दुख का समंदर ज़ब्त किए हुए भी उसके हाथों मे प्यार की वही तपन थी जो हमेशा होती थी !
मैं .........
मैं उसके पास ही सिर झुकाए बैठा था और वो एकटक मेरे नाकामियों के बोझ तले दबे चेहरे पर भावों की तलाश कर रही थी .. !
वो ढूंढ रही थी मेरे कमजोर कंधों पर सहारा पाने की एक उम्मीद ..
"तुम ... तुम कभी रोते नही .. तुम कभी भावुक नही होते ... कैसे .. कैसे इतने निष्ठुर हो तुम ?"
उसने एक ही सांस मे कई प्रश्न दे मारे थे मेरे मुंह पर !

"कितना और कबतक रो सकता है कोई .. कबतक घूम सकता है भावनाओं को मरे हुए बंदर के बच्चे की तरह सीने से लगाए हुए .. जबकि वो स्वयं जानता हो कि इन मृत भावों से कभी कोई बोल ना फूटेगा .. बताओ ?"
उसे उम्मीद ना थी शायद कि आज भी मैं उसे ऐसा कोई जवाब दूंगा .. शायद इसी लिए वो मेरे इस जवाब को सुनकर मुश्किल से दबी हुई भावनाओं पर नियंत्रण ना रख सकी और फूट कर रो दी ...

"तुम कभी नही समझ सकोगे मुझे .. कभी नही .. तुमने कभी भी मुझसे .. कभी भी वरुण मुझसे इतना प्यार नही किया जितना मैने किया !"

"हां ! मैं क्यों समझ सकूंगा किसी को .. मैं तो आजतक खुद को ही ना समझ सका ... !"
मैं अपनी बात पूरी करता उससे पहले ही मेरे गाल पर उसके एक जोरदार तमाचे ने अपनी बात कह दी !
मैं .. मैं अब बिल्कुल खामोश बैठा था .. भावहीन सा .. बिल्कुल ऐसे जैसे उसके तमाचे का मुझपर कोई असर ही ना पड़ा हो .. असर पड़ा भी तो बस इतना कि मैं आगे कुछ बोल ना सका .. बोला भी तो इतना कि ..
"चलो .. तुम्हे आगे तक छोड़ देता हूं !"

उसने रोते हुए ही फिर जवाब दिया ..
"अब और किस तरह छोड़ोगे ?"
kiss in sad love story
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वो फिर मेरे पास आई और .. और मेरे होंठों पर अपने होंठ टिका दिए .. अब ... मैं उसके आंसुओं को अपने गालों और होंठों पर बहकर आता महसूस कर रहा था .. वो आंसू जो दर्द मे तपकर पिघले लोहे सा दर्द और जलन दे रहे थे मुझे ..
वो अलग हुई और मुझसे बिना कुछ कहे .. बिना मेरी ओर नजर उठाए भारी कदमों से चली गई !
मैं वहीं निर्जीव सा खड़ा उसे दूर तक जाते देखता रहा .. तबतक .. जबतक वो अंधेरे मे खो नही गई !
मैं अब भी नही रोया था .. हां बिल्कुल भी नही ..

मेरे गालों पर उसके आंसू अबतक टिके हुए थे !

हां ! मैं बिल्कुल नही रोया .. बिल्कुल नही .....

बस मेरी आंखों से खारे पानी की दो बूंदें निकलीं जो मेरे गालों से ढरकती हुई उसके आंसुओं की बूंदों को साथ लेकर मेरी गर्दन से होती हुई मेरे सीने मे समा गईं !

आज भी महसूस करता हूं एक अजीब सी जलन अपने सीने मे .. जब भीतर कहीं हिलोरे मारती हैं वो ...

‪#‎वrunआस्त्र‬™.....✍

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2 comments

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Consultant
admin
26 May, 2016 ×

Nice post, But it is reality that 90 % love stories doesn't have happy ending.

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Jaunty
admin
23 July, 2016 ×

कुछ ऐसी ही है मेरी भी कहानी.... दोस्त, क्या याद दिला दिये..... :(

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